वहीदा रहमान बोलीं- ‘इंडस्ट्री में आने वाला हर नया एक्टर दिलीप कुमार बनना चाहता है’

मुंबई. गुजरे जमाने की पॉपुलर एक्ट्रेस वहीदा रहमान (Waheeda Rehman) ने दिवंगत दिग्गज एक्टर दिलीप कुमार (Dilip Kumar) से जुड़ी अपनी यादें News18.com से शेयर की हैं. उन्होंने बताया कि, वे इस मायने में भाग्यशाली हैं कि उन्हें दिलीप साहब के साथ फिल्म ‘दिल दिया दर्द लिया’, ‘राम और श्याम’, ‘आदमी’ और ‘मशाल’ में काम करने का अवसर मिला है. दुनिया उन्हें महान एक्टर के रूप में जानती है. वे अपने फन में उत्कृष्ट हैं. आज भी जब कोई न्यूकमर फिल्म इंडस्ट्री में आता है तो वह दिलीप कुमार बनने की महत्वाकांक्षा रखता है. वे बहुत ही सज्जन और विनम्र शख्स हैं.

रहमान ने बताया कि, दिलीप साहब के साथ काम करना इतना आनंददायक था जैसे हम घूमने के लिए लंबे सफर पर हों. उनके साथ यह यात्रा अथक और मन को भाने वाली थी. वे बहुत ही सुलझे हुए एक्टर थे. उनकी एक्टिंग की अपनी ही एक शैली थी जो वास्तव में यूनिक थी. रिहर्सल के दौरान भी वे पूरे मन से अपना बेस्ट देते थे. कभी-कभी मैं उनसे कहती थी कि, ‘आप रिहर्सल में इतना मेहनत करते हो, मैं तो थक जाती हूं.’ इसके जवाब में दिलीप साहब कहते थे कि, अगर रिहर्सल में आपको रियल इमोशन मिलते हैं तो रियल में जो टेक होगा वह हमेशा बेहतर होगा.

वहीदा ने आगे बताया कि, ‘मुझे दिलीप कुमार का फिल्म ‘मशाल’ में परफॉर्म किया गया एक सिक्वेंस याद आ रहा है. यह एक बहुत ही फेमस सीन था, जिसका डॉयलाग था ‘ऐ भाई कोई है’. यह बहुत ही हाई लेवल का इमोशनल सिक्वेंस था, जिसे उन्होंने बहुत ही आसानी से कर दिया. वे सच में बहुत बड़े स्टार और बेहतर परफॉर्मर थे.

वहीदा ने कहा कि, ‘उनके 90वें बर्थडे पर उनके घर में मिली थीं. बहुत बड़ी पार्टी थी. उस दौरान दिलीप कुमार अल्जाइमर नामक बीमारी से पीड़त थे. सायरा बानो ने मुझे उनसे इंट्रोड्यूस कराने की कोशिश की, लेकिन वे मुझे पहचान नहीं पाए. उन्होंने बॉलीवुड में सभी को प्रेरित किया, वे एक महान इंसान थे. सायरा के लिए मेरी हार्दिक संवेदना और ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें.’

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